भू

भूमि, वसुधा, अवनि, वसुमती, धात्री, धरित्री, धरा, गो, गोत्रा, जगती, रसा, क्षिति, इला, क्षोणी, क्षमा, क्ष्मा, अचला, कु, पृथ्वी, पृथिवी, स्थिरा, धरणी, विश्वम्भरा, मेदिनी, ज्या, अनन्ता, विपुला, समुद्रवसना, सर्वंसहा, ऊर्वी, मही, काश्यपी, भूतधात्री, रत्नगर्भा, वसुन्धरा, धराधारा

भूर्भूमिर्वसुधावनिर्वसुमती धात्री धरित्री धरा,
गौर्गोत्रा जगती रसा क्षितिरिला क्षोणी क्षमा क्ष्माचला ।
कुः पृथ्वी पृथिवी स्थिरा च धरणी विश्वम्भरा मेदिनी,
ज्यानन्ता विपुला समुद्रवसना सर्वंसहोर्वी मही ॥ १५६ ॥
काश्यपी भूतधात्री च रत्नगर्भा वसुन्धरा ।
धराधारा च विज्ञेया तद्विशेषान्निबोधत ॥ १५७ ॥
verse 2.1.1.156
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धात्री

उपमाता

धात्री स्यादुपमाता भगिनी जामिः स्वसा च विज्ञेया ।
verse 2.1.1.507
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धात्री

आमलकी, शिवा

हरीतक्यभया पथ्या धात्री चामलकी शिवा ।
verse 2.1.1.618
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